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Pain Management

Laser Therapy: दर्द के लिए आधुनिक और दर्दरहित इलाज

Written by: Dr. Saurabh Chauhan Reviewed by: Dr. Harish Grover Published: 21 July 2026 Last Updated: 12 August 2026
Reading Time: 6 minutes Evidence Level: Evidence-Based Clinical Guidance
Laser Therapy

Laser Therapy: दर्द के लिए आधुनिक और दर्दरहित इलाज

क्या आप लंबे समय से जोड़ों, कमर या मांसपेशियों के दर्द से परेशान हैं? क्या आप दवाइयों और इंजेक्शन के बिना दर्द से राहत का कोई तरीका ढूँढ रहे हैं? ऐसे में लेज़र थेरेपी (laser therapy) एक आधुनिक और दर्दरहित विकल्प के रूप में सामने आ रही है।

यह एक नॉन-इनवेसिव (बिना चीर-फाड़ वाली) तकनीक है, जिसमें एक खास तरह की प्रकाश ऊर्जा का इस्तेमाल करके दर्द और सूजन (inflammation) कम करने की कोशिश की जाती है। आजकल कई फिजियोथेरेपी (physiotherapy) क्लीनिक इसे मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द के इलाज में इस्तेमाल कर रहे हैं।

इस ब्लॉग में आप जानेंगे कि लेज़र थेरेपी क्या है, यह कैसे काम करती है, किन स्थितियों में मददगार मानी जाती है, और इसके क्या फायदे व सावधानियाँ हैं।

लेज़र थेरेपी क्या है?

Laser therapy, जिसे लो-लेवल लेज़र थेरेपी (LLLT), कोल्ड लेज़र थेरेपी या फोटोबायोमॉड्यूलेशन (photobiomodulation) भी कहा जाता है, एक ऐसी तकनीक है जिसमें कम तीव्रता वाली प्रकाश तरंगों को शरीर के प्रभावित हिस्से पर डाला जाता है।

इसे “कोल्ड” (ठंडी) लेज़र इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें इस्तेमाल होने वाली रोशनी का स्तर इतना कम होता है कि वह ऊतकों (tissues) को गर्म नहीं करती। यह सर्जरी या ट्यूमर हटाने में इस्तेमाल होने वाली शक्तिशाली लेज़र से बिल्कुल अलग है।

मुख्य रूप से इसके दो प्रकार होते हैं:

  • लो-लेवल लेज़र थेरेपी (LLLT / कोल्ड लेज़र): कम शक्ति वाली, आमतौर पर सतही दर्द और सूजन के लिए
  • हाई-इंटेंसिटी लेज़र थेरेपी (HILT): अधिक शक्ति वाली, गहरे ऊतकों और पुराने (chronic) दर्द के लिए

लेज़र थेरेपी कैसे काम करती है?

जब यह प्रकाश त्वचा के ज़रिए ऊतकों तक पहुँचता है, तो माना जाता है कि यह कोशिकाओं में मौजूद माइटोकॉन्ड्रिया (कोशिका का “पावर हाउस”) को सक्रिय करता है। शोध के अनुसार, इससे कोशिकाओं में ऊर्जा (ATP) का उत्पादन बढ़ सकता है, जो ऊतकों की मरम्मत और रिकवरी में सहायक हो सकता है।

इसके साथ ही, ऐसा माना जाता है कि laser therapy:

  • सूजन और एडिमा (swelling) कम करने में मदद कर सकती है
  • रक्त संचार (blood circulation) बेहतर कर सकती है
  • दर्द के संकेतों को कम करके राहत देने में सहायक हो सकती है
  • एंडोर्फिन (शरीर के प्राकृतिक दर्द-निवारक) के स्राव को बढ़ा सकती है

ध्यान दें कि यह प्रभाव फोटोकेमिकल (रासायनिक) होता है, थर्मल (गर्मी वाला) नहीं।

किन स्थितियों में लेज़र थेरेपी इस्तेमाल होती है?

लेज़र थेरेपी का उपयोग मुख्य रूप से मांसपेशियों और हड्डियों से जुड़ी (musculoskeletal) समस्याओं में किया जाता है, जैसे:

  • घुटने, कूल्हे या टखने का ऑस्टियोआर्थराइटिस (osteoarthritis)
  • रूमेटॉइड आर्थराइटिस में दर्द और सूजन का प्रबंधन
  • टेंडोनाइटिस (जैसे टेनिस एल्बो, एड़ी का दर्द)
  • Frozen shoulder और गर्दन का दर्द
  • कमर दर्द और साइटिका
  • प्लांटर फेशिआइटिस (एड़ी का दर्द)
  • खेल से जुड़ी चोटें (sports injuries)
  • सर्जरी के बाद का दर्द
  • फाइब्रोमायल्जिया

अमेरिका के FDA ने कई लो-लेवल लेज़र डिवाइस को मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द में अस्थायी राहत के लिए मंज़ूरी (clearance) दी है। हालांकि, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि कुछ गहरे जोड़ों (जैसे कूल्हे और घुटने) में इसके असर को लेकर प्रमाण सीमित हैं, और इस पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

लेज़र थेरेपी के मुख्य फायदे

  • दर्द से राहत: दवाइयों के बिना दर्द कम करने में सहायक हो सकती है
  • सूजन में कमी: सूजन और जलन कम करने में मदद कर सकती है
  • नॉन-इनवेसिव: कोई चीर-फाड़ या इंजेक्शन नहीं
  • दर्दरहित प्रक्रिया: आमतौर पर इसमें दर्द, आवाज़ या गर्मी महसूस नहीं होती
  • तेज़ रिकवरी: ऊतकों की मरम्मत में मदद करके रिकवरी तेज़ कर सकती है
  • कम साइड इफेक्ट: दवाइयों और सर्जरी की तुलना में जोखिम कम माने जाते हैं

एक सेशन में क्या होता है?

Laser therapy का एक सेशन आमतौर पर बहुत आसान और आरामदायक होता है:

  1. फिजियोथेरेपिस्ट पहले आपकी स्थिति का आकलन करते हैं और सही प्रकार की लेज़र तय करते हैं।
  2. प्रभावित हिस्से को आराम से रखा जाता है और एक हैंडहेल्ड लेज़र डिवाइस को त्वचा पर रखा जाता है।
  3. लेज़र से निकलने वाली रोशनी त्वचा के ज़रिए ऊतकों तक पहुँचती है।

एक सेशन आमतौर पर 5 से 30 मिनट का होता है। कुछ लोगों को तुरंत राहत महसूस हो सकती है, लेकिन बेहतर परिणाम के लिए आमतौर पर कई सेशन लेने की सलाह दी जाती है।

सावधानियाँ और किन्हें नहीं करवानी चाहिए

लेज़र थेरेपी आमतौर पर सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन कुछ स्थितियों में सावधानी ज़रूरी है। इसे आमतौर पर इन मामलों में नहीं किया जाता: 

  • कैंसर या ट्यूमर वाले हिस्से पर (जब तक डॉक्टर सलाह न दें)
  • गर्भवती महिलाओं में सीधे पेट पर
  • सीधे आँखों पर (इसलिए सेशन के दौरान सुरक्षा चश्मा पहना जाता है)
  • मिर्गी (epilepsy) के कुछ मरीज़ों में सावधानी

यह भी ध्यान रखें कि लेज़र थेरेपी संरचनात्मक समस्याओं (जैसे हड्डी या ऊतक की गंभीर क्षति) को ठीक नहीं करती। इसे अक्सर अन्य उपचारों के साथ एक सहायक (adjuvant) थेरेपी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

निष्कर्ष

लेज़र थेरेपी दर्द प्रबंधन का एक आधुनिक, नॉन-इनवेसिव और दर्दरहित तरीका है, जो कई मांसपेशियों और जोड़ों की समस्याओं में राहत देने में सहायक हो सकती है। हालांकि यह हर समस्या का स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन सही मार्गदर्शन में इसे एक प्रभावी सहायक उपचार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या लेज़र थेरेपी दर्दनाक होती है?

नहीं, लेज़र थेरेपी आमतौर पर दर्दरहित होती है। इसमें मरीज़ को सिर्फ डिवाइस का त्वचा पर हल्का स्पर्श महसूस होता है, कोई गर्मी, आवाज़ या चुभन नहीं होती। यही कारण है कि इसे एक आरामदायक उपचार माना जाता है।

2. लेज़र थेरेपी का असर दिखने में कितना समय लगता है? 

कुछ लोगों को एक-दो सेशन में ही राहत महसूस होने लगती है, जबकि कुछ मामलों में बेहतर परिणाम के लिए कई हफ्तों तक नियमित सेशन की ज़रूरत हो सकती है। सटीक अवधि स्थिति की गंभीरता पर निर्भर करती है।

3. क्या लेज़र थेरेपी सुरक्षित है? 

हाँ, योग्य विशेषज्ञ की देखरेख में लेज़र थेरेपी आमतौर पर सुरक्षित मानी जाती है और इसके साइड इफेक्ट बहुत कम होते हैं। हालांकि गर्भवती महिलाओं, कैंसर मरीज़ों और कुछ अन्य स्थितियों में सावधानी ज़रूरी है।

4. लेज़र थेरेपी किन समस्याओं में मदद कर सकती है? 

यह ऑस्टियोआर्थराइटिस, टेंडोनाइटिस, कमर दर्द, फ्रोज़न शोल्डर, खेल चोटों (sports injuries) और सर्जरी के बाद के दर्द जैसी कई स्थितियों में सहायक मानी जाती है। हालांकि हर मरीज़ पर असर अलग हो सकता है।

5. क्या लेज़र थेरेपी से दवाइयों की ज़रूरत खत्म हो जाती है? 

ज़रूरी नहीं। लेज़र थेरेपी अक्सर एक सहायक उपचार के रूप में इस्तेमाल होती है, जो दवाइयों के साथ मिलकर काम कर सकती है। दवाइयों में कोई भी बदलाव डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।

6. लेज़र थेरेपी गुड़गांव में कहाँ करवाई जा सकती है? 

गुड़गांव में Painflame जैसे फिजियोथेरेपी क्लीनिक में प्रशिक्षित विशेषज्ञों की देखरेख में लेज़र थेरेपी की सुविधा उपलब्ध है। सही आकलन और उपचार के लिए किसी योग्य फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें।

 

Sources: 

https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC4743666/

Dr. Saurabh Chauhan
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Dr. Saurabh Chauhan

Chiropractor, Spine and Joint Specialist

Dr. Saurabh Chauhan is a dedicated Chiropractor and Spine & Joint Specialist with expertise in chiropractic adjustments, manual therapy, and physiotherapy. He specializes in treating back pain, neck stiffness, joint disorders, and postural imbalances...

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