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Pain Management

ऑफिस में काम करते हुए कमर दर्द से कैसे बचें?

July 16, 2026 By Dr. Jaya Sharma
ऑफिस में काम करते हुए कमर दर्द से कैसे बचें

आठ घंटे की job, deadline का pressure, और एक ही जगह बैठे रहना, यह आज के office worker की सच्चाई है। लेकिन इस routine का एक छुपा हुआ नतीजा भी है जो धीरे-धीरे सामने आता है, वो है कमर दर्द के कारण जो पहले हल्के लगते हैं, और फिर रोज़मर्रा की ज़िंदगी में दखल देने लगते हैं।

यह समस्या कितनी आम है, इसका अंदाज़ा इन आँकड़ों से लगाइए की surveys बताते हैं कि physically काम करने वाले लोगों में से 25% को हर साल 7 दिनों से अधिक पीठ दर्द रहता है, 14% को इसके लिए medical attention लेनी पड़ती है, और 10% को काम से छुट्टी लेनी पड़ती है। यानी यह सिर्फ तकलीफ नहीं, यह productivity और ज़िंदगी की quality दोनों पर असर डालता है।

Office back pain सिर्फ बुज़ुर्गों या heavy काम करने वालों की समस्या नहीं रही। आज यह desk job करने वाले युवाओं में भी उतनी ही तेज़ी से बढ़ रही है। और इसकी वजह सिर्फ गलत कुर्सी नहीं बल्कि हमारी पूरी work lifestyle है।

ऑफिस में पीठ दर्द क्यों होता है?

घंटों typing करने या आगे झुककर काम करने से कंधों की मांसपेशियाँ खिंच जाती हैं। कंधे आगे की तरफ गोल होने लगते हैं और गर्दन पर extra strain पड़ता है। यही गर्दन और कंधे का दर्द office में सबसे आम कारण है जिसे लोग अक्सर नज़रअंदाज़ करते हैं। इसके अलावा, पीठ दर्द के कुछ मुख्य कारण है:

तनाव 

हम अक्सर सोचते हैं कि पीठ दर्द सिर्फ शारीरिक कारणों से होता है। लेकिन तनाव और पीठ दर्द का रिश्ता उतना ही गहरा है। जब हम deadline के pressure में होते हैं या perform करने की चिंता में रहते हैं, तो हमारी मांसपेशियाँ अनजाने में कस जाती हैं। यह tension लंबे समय तक बनी रहे तो गर्दन और कंधे का दर्द office में और कमर दर्द का रूप ले लेती है। काम खत्म होने के बाद जब मांसपेशियाँ अचानक relax होती हैं तो शरीर बिल्कुल थका-टूटा महसूस करता है, यही sedentary lifestyle और दर्द का सबसे अनदेखा पहलू है।

घंटों बैठने के नुकसान

आज हर profession तेज़ी से computer-based होती जा रही है, जिसका मतलब है ज़्यादा बैठना और कम हिलना। घंटों बैठने के नुकसान सिर्फ दर्द तक नहीं, यह रीढ़ की discs (गद्दियाँ) पर दबाव बढ़ाता है और मांसपेशियों तक blood flow कम करता है जिससे जकड़न और थकान होती है।

एक meta-analysis के अनुसार, 8 घंटे तक लगातार बैठकर काम करने वाले कर्मचारियों में low back pain का जोखिम अधिक पाया गया। वहीं, 5 वर्ष या उससे अधिक समय तक office work करने वालों में कमर दर्द का खतरा लगभग 1.4 गुना बढ़ा देखा गया।

 

गलत posture और रीढ़ पर दबाव

Monitor की तरफ झुककर देखना, phone को कंधे और कान के बीच दबाना, या घुमाते हुए कुछ उठाना, ये छोटी-छोटी आदतें रीढ़ पर दबाव डालती हैं। जब posture बिगड़ता है तो पीठ की मांसपेशियाँ रीढ़ को ठीक से support नहीं कर पातीं और दर्द शुरू हो जाता है।

ऑफिस में कमर दर्द से कैसे बचें: Ergonomics और सही तरीके

Workplace ergonomics यानी अपने workspace को अपने शरीर के हिसाब से set करना। यह science बताती है कि छोटे-छोटे बदलाव दर्द शुरू होने से पहले ही रोक सकते हैं।

कुर्सी और desk की सही setting

Office में सही बैठने का तरीका यहाँ से शुरू होता है: पैर ज़मीन पर flat हों, घुटने कूल्हों के level पर या थोड़े नीचे हों। कुर्सी का lumbar support (कमर को सहारा देने वाला हिस्सा) lower back की natural curve को बनाए रखे। अगर कुर्सी में यह support न हो तो एक छोटा cushion या rolled towel कमर के पीछे रखें।

Desk के नीचे पैरों के लिए पर्याप्त जगह हो वहाँ कोई सामान न रखें। अगर desk बहुत नीची हो तो उसके नीचे boards लगाएं, और बहुत ऊँची हो तो कुर्सी ऊपर करें और ज़रूरत हो तो footrest use करें।

Screen की सही ऊँचाई

Screen की सही ऊँचाई आँखों के level पर या थोड़ी नीचे होनी चाहिए, monitor आपसे कम से कम 20 inches दूर हो। अगर आप bifocal glasses पहनते हैं तो screen को 1-2 inches और नीचे करें। Ergonomic कुर्सी का फायदा तब पूरा मिलता है जब screen भी सही जगह पर हो, वरना गर्दन झुकाने की आदत बनी रहती है।

Keyboard और mouse की सही position

Keyboard और mouse की सही position यह है: keyboard सीधे सामने हो, wrists straight रहें, upper arms शरीर के पास हों और हाथ कोहनियों के level पर या थोड़े नीचे। Mouse keyboard के साथ same surface पर, आसान पहुँच में हो। phone पर ज़्यादा बात करनी हो तो headset use करें। phone को कंधे और कान के बीच दबाना रीढ़ पर दबाव का एक बड़ा कारण है।

ऑफिस दर्द से बचने के 7 आसान उपाय

छोटे-छोटे बदलाव बड़ा फर्क डालते हैं। यहाँ हैं 7 आसान उपाय जो आप आज से ही अपनी daily routine में शामिल कर सकते हैं:

  1. हर 30-45 मिनट में उठें: शरीर लंबे समय तक एक position में रहने के लिए नहीं बना है। उठें, थोड़ा चलें, पानी लेने जाएं, यह movement blood circulation बेहतर बनाती है और मांसपेशियों के tighten होने से रोकती है।
एक clinical trial में पाया गया कि काम के बीच active breaks लेना और बैठने की position बदलते रहना, गर्दन और कमर दर्द दोनों को रोकने में असरदार है। खासतौर पर जो लोग ज़्यादा घंटे काम करते हैं या lumbar support वाली कुर्सी use नहीं करते, उन्हें इन उपायों से सबसे अधिक फायदा होता है।

 

  1. Core मांसपेशियाँ और पीठ दर्द का रिश्ता समझें: Core मांसपेशियाँ और पीठ दर्द का सीधा रिश्ता है, जब core मज़बूत होती है तो रीढ़ को बेहतर support मिलता है। Planks, bridges और gentle yoga जैसी exercises रोज़ करें।
  2. Posture check करते रहें: दिनभर बीच-बीच में खुद से पूछें: 
  • क्या सिर कंधों के ऊपर है? 
  • क्या कंधे relaxed हैं? 
  • क्या पैर ज़मीन पर flat हैं? 

यह awareness ही office में सही बैठने का तरीका बनाए रखने का सबसे आसान तरीका है।

  1. Stretch करना न भूलें: कंधों को roll करें, गर्दन को धीरे-धीरे दाएं-बाएं घुमाएं, torso twist करें। ये छोटे-छोटे stretches दिनभर के tension को release करते हैं।
  2. तनाव को manage करें: तनाव और पीठ दर्द से बचने के लिए deep breathing, short breaks और meditation जैसी techniques का इस्तेमाल करें। काम के बीच 5 मिनट की शांति भी मांसपेशियों को relax करती है।
  3. वजन और पीठ दर्द: वजन और पीठ दर्द का सीधा संबंध है, अतिरिक्त वज़न रीढ़ पर extra pressure डालता है। Healthy weight बनाए रखना office back pain से बचाव का एक long-term उपाय है।
  4. सही तरीके से उठाएं: कोई भी चीज़ उठानी हो तो पीठ से नहीं, पैरों से उठाएं। चीज़ को शरीर के पास रखें और उठाते वक्त कमर को twist न करें।

निष्कर्ष

Office back pain कोई अचानक नहीं आता, यह उन आदतों का जमा हुआ नतीजा है जो हम हर रोज़ दोहराते हैं। Workplace ergonomics सुधारना, हर घंटे उठना, और core मांसपेशियाँ और पीठ दर्द के रिश्ते को समझना, यही बिना दवा office दर्द से राहत का असली रास्ता है।

लेकिन कई बार दर्द इतना पुराना हो जाता है कि सिर्फ awareness और exercises काफी नहीं होतीं। यहीं Painflame की भूमिका शुरू होती है। Painflame सिर्फ दर्द treat नहीं करता, वह यह समझता है कि आपका दर्द कहाँ से आ रहा है। क्या यह muscle tension है, spinal misalignment है, या कोई और वजह? 

Dr. Harish Grover और उनकी टीम physiotherapy, chiropractic care और osteopathy को मिलाकर एक ऐसा plan तैयार करती है जो आपकी desk job की reality को ध्यान में रखकर बना हो – न कि एक generic solution। क्योंकि हर office worker का दर्द अलग है, और उसका इलाज भी अलग होना चाहिए। आज ही Painflame में अपॉइंटमेंट बुक करें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

क्या standing desk से पीठ दर्द कम होता है?

खड़े होकर काम करना बैठने से बेहतर माना जाता है, लेकिन सिर्फ desk बदलने से काम नहीं चलता। Standing desk पर भी workstation की सही height ज़रूरी है ताकि झुकना न पड़े। साथ ही anti-fatigue mat और supportive shoes का इस्तेमाल lower back pain से बचाव में मदद करता है।

क्या office में exercise करना possible है?

बिल्कुल, और ज़रूरी भी। Desk पर बैठे-बैठे shoulder rolls, neck stretches और seated spinal twists किए जा सकते हैं। हर 45 मिनट में बस 2-3 मिनट की movement भी घंटों बैठने के नुकसान को काफी हद तक कम कर सकती है।

क्या laptop से desktop से ज़्यादा दर्द होता है?

हाँ, laptop की screen नीची होती है जिससे गर्दन झुकाने की आदत बनती है और keyboard cramped होता है। अगर laptop पर काम करना हो तो external keyboard, mouse और laptop stand का इस्तेमाल करें ताकि setup desktop जैसा हो सके।

 

Sources: 

  1. https://www.uclahealth.org/medical-services/spine/patient-resources/ergonomics-prolonged-sitting
  2. https://www.mayoclinic.org/healthy-lifestyle/adult-health/in-depth/office-ergonomics/art-20046169
  3. https://orthoinfo.aaos.org/en/staying-healthy/preventing-back-pain-at-work-and-at-home/
  4. https://www.medanta.org/patient-education-blog/lower-back-pain-causes
Author profile

Dr. Jaya Sharma

Pilates Expert | Musculoskeletal Rehabilitation, Sports & Pelvic Floor Specialist

Dr. Jaya Sharma is a dedicated physiotherapist and Pilates expert with 5 years of clinical experience in rehabilitation and movement-based therapy. She specializes in musculoskeletal rehabilitation, sports injury management, and pelvic floor rehabilitation, helping...

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